इंदिरा गांधी और शेख़ मुजीबुर रहमान ने 1972 में मैत्री समझौते पर हस्ताक्षर किए थे
भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बांग्लादेश को आजादी हासिल होने के करीब तीन महीने बाद ढाका के दौरे पर आई थीं. यह बांग्लादेश के आज़ाद होने के बाद किसी विदेशी राष्ट्र प्रमुख का पहला दौरा था.
उस समय इंदिरा गांधी का जोरदार स्वागत किया गया था. बांग्लादेश के तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ मुजीबुर रहमान उनकी अगवानी के लिए अपने परिवार के साथ एयरपोर्ट पर मौजूद थे. उस मौके पर एक दिन की सरकारी छुट्टी का भी एलान किया गया था.
इंदिरा गाधी ने इस दौरे पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. 19 मई, 1972 को हुए उस समझौते को औपचारिक रूप से 'भारत-बांग्लादेश मैत्री समझौता' कहा जाता है. 25 साल के लिए होने वाले इस समझौते को लेकर उस समय राजनीतिक हलकों में काफी बहस छिड़ी थी और विवाद हुआ था.
उस समय के विपक्षी राजनीतिक दलों ने इसे 'ग़ुलामी का समझौता' भी करार दिया था.
