Ajmer Sharif Dargah: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ संशोधन कानून के समर्थन को लेकर अजमेर शरीफ दरगाह से जुड़े प्रमुख लोगों पर निशाना साधा है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने दरगाह की जिम्मेदार शख्सियतों पर ‘ख्वाजा की आस्ताने’ के नाम पर सत्ता के साथ खड़े होने का आरोप लगाया।
ख्वाजा साहब की आस्ताने का दिया हवाला
अपने संबोधन में ओवैसी ने कहा कि दरगाह के कुछ लोग सत्ता पक्ष के साथ खड़े होकर मुस्लिम अधिकारों के साथ समझौता कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कम से कम उस आस्ताने के ताल्लुक का तो लिहाज कर लो। जब हम सब दुनिया से जाएंगे और जब पूछा जाएगा कि तुम्हारा रब कौन है, तो तुम मोदी बोलोगे या अल्लाह? हम तो अल्लाह बोलेंगे। इस बयान के ज़रिए उन्होंने दरगाह से जुड़े लोगों की निष्ठा पर सवाल खड़े किए।
ओवैसी की संसद में बिल लाने की चेतावनी
एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि तुम जो ख्वाजा अजमेरी आस्ताने के जिम्मेदार हो न, मैं संसद में इंशाअल्लाह ‘ख्वाजा एक्ट’ के संशोधन का एक बिल लाऊंगा। मैं कहूंगा कि तुम नहीं बनोगे, उसमें पसमांदा को बनाना पड़ेगा। उन्होंने साफ किया कि वे अगले संसद सत्र में एक प्राइवेट मेंबर बिल लाकर दरगाह से जुड़े पदों पर प्रतिनिधित्व में बदलाव की मांग करेंगे।
क्या है वक्फ कानून?
गौरतलब है कि भारत की संसद में 2 अप्रैल को 1995 के वक्फ कानून में बदलाव को लेकर लाया गया ‘वक्फ बोर्ड संशोधन बिल’ संसद के दोनों सदनों में पास हो गया। बाद में इसे राष्ट्रपति से मंजूरी भी मिल गई। इस बिल का मकसद वक्फ बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता लाने के साथ महिलाओं को इन बोर्ड में शामिल करना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद यह ‘उम्मीद विधेयक 2025’ के नाम से कानून बन गया है।
