Temple Purification in Rajasthan: राजस्थान में बीजेपी से निलंबित नेता ज्ञानदेव आहूजा द्वारा अलवर के एक मंदिर को गंगाजल से धोने का विवाद तूल पकड़ा हुआ है।
Rahul Gandhi and Gyandev Ahujaराजस्थान में बीजेपी से निलंबित नेता ज्ञानदेव आहूजा द्वारा अलवर के एक मंदिर में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली के जाने के बाद गंगाजल से धोने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसको लेकर बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी की दलित विरोधी और मनुवादी सोच का एक और उदाहरण है। इसलिए संविधान का सम्मान और रक्षा करना जरूरी है।
दरअसल, राहुल गांधी की यह टिप्पणी राजस्थान के अलवर में भाजपा नेता द्वारा राम मंदिर में गंगाजल छिड़कर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के संदर्भ में की है।
क्या है गंगाजल छिड़कने का पूरा विवाद?
बताते चलें कि रामनवमी के दिन अलवर की एक सोसायटी स्थित श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन हुआ था। इस कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी शामिल हुए और मंदिर में पूजा-अर्चना की। लेकिन, अगले ही दिन ज्ञानदेव आहूजा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे लोगों को बुलाया गया जिन्होंने भगवान श्रीराम के अस्तित्व को ही नकारा है।उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेता राम मंदिर का बहिष्कार करते हैं, इसलिए उनके नेताओं को मंदिर में आने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में अपवित्र लोग आ गए थे, इसलिए हमने गंगाजल से शुद्धिकरण किया है। हालांकि उन्होंने जूली का नाम नहीं लिया, पर उनके बयान को जातीय द्वेषता से जोड़कर देखा गया।
इसके चलते भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। भाजपा प्रदेश संगठन ने ज्ञानदेव आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी की मूल विचारधारा और अनुशासन का उल्लंघन किया है।
