सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश के बाद अजमेर के आनासागर के वैटलैंड और ग्रीन बैल्ट क्षेत्र में चल रही अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई तीसरे दिन पूरी तरह से बंद रही। मंगलवार को सेवन वंडर पार्क से सिर्फ स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की प्रतिमा को हटाकर नीचे रखा गया था।
गांधी स्मृति उद्यान के पक्के फर्श का आधा हिस्सा तोड़ा गया। फूड कोर्ट में पुलिस बल और मशीनें मौजूद होने के बावजूद वहां भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में जब अतिरिक्त जिला कलेक्टर गजेंद्र सिंह राठौड़ से संपर्क किया गया, उन्होंने कहा- आज कार्रवाई होगी या नहीं, इस बारे में जानकारी नहीं।
वहीं, जिला कलेक्टर और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लोकबंधु से कई प्रयासों के बाद भी संपर्क नहीं हो सका।
सुप्रीम कोर्ट ने आनासागर के आस-पास वेटलैंड और ग्रीन बैल्ट में किए गए निर्माण को नियमों का उल्लंघन माना है। न्यायालय ने अपने आदेश में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि जल निकायों और आर्द्र भूमि पर अतिक्रमण कर शहरों को स्मार्ट नहीं बनाया जा सकता।
सेवन वंडर तोड़ने की कार्रवाई, क्या हुआ अब तक
- सेवन वंडर के गेट पर ताले लगे- सेवन वंडर के गेट पर ताले लगे हुए थे। यहां अंदर केवल गार्ड मिला। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की मूर्ति को हटाकर नीचे रखा गया। यहां पीछे की तरफ पक्की फर्श टूटी हुई मिली। आज कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
- गांधी स्मृति उद्यान में काम बंद - गांधी स्मृति उद्यान के गेट पर ताला लगा था। यहां बना फुटपाथ कुछ जगह पर जेसीबी से उखाड़ा हुआ मिला, जो पिछले दो दिन में हुआ। आज यहां कोई काम नहीं चल रहा।
- फूड कोर्ट में भी तोड़फोड़ बंद - फूड कोर्ट के तीन हिस्सों में से एक हिस्सा टूटा हुआ था। गेट पर पुलिस जाब्ता व कर्मचारी मौजूद थे। मशीनें भी लगी हुई थीं। लेकिन काम बंद मिला।
स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को हटाकर नीचे रख दिया, अब काम बंद है।सेवन वंडर्स: निर्माण से तोड़ने तक की पूरी कहानी, 4 पॉइंट में...
1. परियोजना पर 11 करोड़ रुपए की लागत आई स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत आनासागर झील के किनारे लगभग एक हेक्टेयर जमीन पर सेवन वंडर का निर्माण किया गया। इस परियोजना पर लगभग 11 करोड़ रुपए की लागत आई। तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2022 में इसका शुभारंभ किया था।
- गांधी स्मृति उद्यान में तोड़ी गई पक्की फर्श।
2. पूर्व पार्षद ने एनजीटी में रिट दायर की बीजेपी के पूर्व पार्षद अशोक मलिक ने 11 मार्च 2023 को एनजीटी में रिट दायर की। उन्होंने आनासागर के आस-पास वेटलैंड को नष्ट करने और मास्टर प्लान की अवहेलना का मुद्दा उठाया। इसके बाद 11 अगस्त 2023 को एनजीटी की भोपाल बेंच ने सेवन वंडर्स पार्क समेत अन्य निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश दिया।
3. सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी 2025 को अधिकारियों की याचिका खारिज कर दी और एनजीटी के आदेश की पालना के निर्देश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भले ही निर्माण सुंदर हो, लेकिन नियमों का उल्लंघन होने पर उसे तोड़ना अनिवार्य है।
- फूड कोर्ट में तोड़ा गया कुछ हिस्सा, आज पूरी तरह काम बंद रहा।
4. 87 लाख रुपए सालाना में दिया था ठेका 2 जनवरी 2023 से अजमेर विकास प्राधिकरण ने सेवन वंडर्स में वयस्कों के लिए 10 रुपए और बच्चों के लिए 5 रुपए प्रति सदस्य प्रवेश शुल्क लगाया। इसके लिए 87 लाख रुपए सालाना में ठेका दिया गया। यह ठेका पांच साल के लिए था। सुबह 11 बजे से रात्रि 8 बजे तक खोलने की व्यवस्था की। ठेकेदार ने इसे करीब दो साल चलाया और अब सोमवार से बंद कर दिया गया
इन IAS अधिकारियों के हाथ में रहा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट...
पद पूर्व अधिकारी वर्तमान अधिकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) व जिला कलेक्टर •गौरव गोयल
•आरती डोगरा
• विश्व मोहन शर्मा
• प्रकाश राजपुरोहित
• अंशदीप
• डॉ. भारती दीक्षितलोकबंधु (आईएएस) अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) व नगर निगम आयुक्त •हिमांशु गुप्ता
• चिन्मयी गोपाल
• कुशाल यादव
• देवेन्द्र कुमार
• सुशील कुमारदेशलदान (आईएएस) अजमेर विकास प्राधिकरण के आयुक्त • नमित मेहता
• निशांत जैन
• गौरव अग्रवाल
• रेणु जयपाल
• अक्षय गोदारा
• गिरधर
• ललित गोयल (कार्यवाहक)
• श्रीनिधि बीटीनित्या के (आईएएस) AAP ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, अफसरों से वसूली की मांग आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष व अजमेर संभाग प्रभारी कीर्ति पाठक ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में हुई अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में स्मार्ट सिटी अजमेर के नाम पर हुए कथित फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की मांग की है।
पाठक ने कहा कि इस जांच से कई सौ करोड़ के घोटालों का पर्दाफाश किया जा सकता है। उन्होंने मांग की है कि अवैध निर्माणों पर हुए खर्च की जवाबदेही तय की जाए और तत्कालीन अफसरों से वित्तीय वसूली भी की जाए। उनका कहना है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए। -------------------------
सेवन वंडर्स पार्क से जुड़ी ये 4 बड़ी खबरें भी पढ़ें-
1. अजमेर के सेवन वंडर्स पार्क पर चला बुलडोजर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक्शन
अजमेर की आनासागर झील के किनारे बने सेवन वंडर्स पार्क को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हो गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने अजमेर स्मार्ट सिटी के तहत बने पार्क से झील के वेटलैंड के पारिस्थितिक संतुलन को नुकसान पहुंचने की बात कही थी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि निर्माण भले ही सुंदर हो, लेकिन नियमों का उल्लंघन हुआ है तो तोड़ना पड़ेगा।
2. अजमेर के स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी पर चला बुलडोजर: 11 करोड़ की लागत से बना था सेवन वंडर्स
अजमेर में स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी सहित सेवन वंडर को अब तोड़ा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके निर्माण को वेटलैंड नियमों की अवहेलना माना है। आदेश में कहा- 'जल निकायों, आर्द्र भूमि पर अतिक्रमण करके शहर कैसे स्मार्ट बन सकते हैं?'
3. NGT में मामला जाने के बाद बनाया, अफसर जिम्मेदार
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नगर निगम के पूर्व सभापति सुरेन्द्र सिंह शेखावत ने इस मामले में सबसे पहले एनजीटी में वाद दायर किया था। एनजीटी में उनकी ओर से दायर याचिका पर 21 दिसंबर 2022 को निर्णय आया था। तब तक सेवन वंडर का निर्माण नहीं हुआ था और पाथ वे का निर्माण चल रहा था।4. सेवन वंडर्स से प्रतिमा हटाए जाने का विरोध, NSUI ने प्रदर्शन कर टायर जलाए
एनजीटी के आदेश की पालना में सेवन वंडर्स से प्रतिमा हटाए जाने के दौरान बाहर सड़क पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और उनकी सैलरी से निर्माण राशि वसूली जाए।







