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अलीगढ़ में चर्चा में आया 'रईस' जूस वाला, आयकर विभाग ने थमाया 7 करोड़ रुपये का नोटिस

UP News: अलीगढ़ में एक जूस की दुकान चलाने वाले रईस नाम के व्यक्ति को आयकर विभाग की तरफ से करोड़ों का नोटिस थमाया गया है. इसके बाद से ही जूस वाले का परिवार काफी चिंतित है. अधिकारी मामले की जांच करेगा.
Aligarh News: अलीगढ़ में एक अजीबो गरीब मामला देखने को मिला है. जहां एक जूस की दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले युवक को आयकर विभाग के द्वारा करोड़ों का नोटिस थमाया है. जिसके बाद जूस वाले युवक के पैरों तले जमीन खिसक गई. 3 दिन से युवक परेशान नजर आ रहा है, जिसके द्वारा जब आयकर विभाग में इसकी जानकारी दी तो सुनने के बाद युवक के पैरों तले जमीन खिसक गई.

आयकर विभाग के अधिकारियों के द्वारा जूस वाले को बताया गया कि उसकी आईडी से पंजाब के चुनाव में डोनेट किया गया है. जिसकी वजह से उसको इतने करोड़ का नोटिस थमाया गया है. जल्द ही उसके द्वारा इस नोटिस की शर्तों को पूरा नहीं किया गया तो उसके मकान को सीज कर दिया जाएगा.


अलीगढ़ निवासी को आयकर विभाग ने भेजा 7 करोड़ का नोटिस
दरअसल पूरा मामला जिला अलीगढ़ के बन्ना देवी थाना क्षेत्र के तार वाली गली का है. जहां के रहने वाला युवक रईस पुत्र शमशेर अचानक सुर्खियों में आ गया, जब उसे 7 करोड़ 79 लाख 2 हजार 457 रुपये का नोटिस आयकर विभाग द्वारा भेजा गया. यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते लोग उसके घर के बाहर जमा होने लगे. 


अलीगढ़ कोर्ट में आरएस जूस कॉर्नर नाम से एक छोटी सी दुकान चलाई जाती है, वह हमेशा से ही मेहनती और सादा जीवन जीने वाला व्यक्ति रहा है. उसके परिवार को भी कभी कोई अंदाजा नहीं था कि एक दिन उनके बेटे का नाम इतने बड़े पैसों के मामले में आ सकता है. रईस के पिता शमशेर भी एक साधारण व्यक्ति हैं और उन्होंने अपने बेटे को ईमानदारी की राह पर चलने की सीख दी थी. 


अलीगढ़ में रईस की जूस की दुकान है 
परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी, और वे रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे थे. लेकिन जब अचानक करोड़ों रुपये का नोटिस आया, तो परिवार में मायूसी छा गई. रईस के अनुसार, वह कभी भी इतने बड़े पैसे के लेन-देन में शामिल नहीं रहा है. उसने सिर्फ अपनी दुकान पर जूस और अन्य ठंडे पेय पदार्थ बेचे हैं. ऐसे में करोड़ों रुपये के नोटिस ने उसे और उसके परिवार को सदमे में डाल दिया. यह नोटिस एक सरकारी एजेंसी द्वारा भेजा गया था, जिसमें उसे इतनी बड़ी रकम का हिसाब देने के लिए कहा गया था. रईस का कहना है कि उसे नहीं पता कि यह रकम कहां से आई और उसे इस मामले में क्यों घसीटा जा रहा है.


नोटिस मिलने के बाद से रईस का परिवार बेहद तनाव में है. उनके घर पर रिश्तेदार और पड़ोसी लगातार आकर पूछताछ कर रहे हैं कि आखिर मामला क्या है. रईस की मां ने रोते हुए कहा, "हम तो रोज-रोज के खाने-पीने के लिए भी संघर्ष करते हैं. अगर हमारे पास इतने पैसे होते, तो क्या हमारा बेटा इतनी मेहनत करता?"


सरकारी अधिकारियों ने क्या बोला? 
तार वाली गली में रहने वाले लोगों के लिए यह मामला किसी रहस्य से कम नहीं था. कुछ लोग यह मान रहे थे कि किसी गलती से रईस के नाम पर यह नोटिस आ गया होगा, जबकि कुछ लोग इसे किसी बड़ी साजिश का हिस्सा मान रहे थे. पड़ोसी सुहेल ने कहा, "रईस एक साधारण इंसान है. वह मेहनत करके कमाने वालों में से है. अगर वह करोड़पति होता, तो क्या वह जूस की दुकान चलाता?"


सरकारी एजेंसी ने मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में यह संदेह जताया जा रहा है कि किसी ने रईस की आईडी से पंजाब में हुए चुनाव में करोड़ो रुपये का डोनेट किया है, जिसकी वजह से नोटिस में रईस का नाम आया जांच अधिकारी ने बताया, "हम मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं. 


रईस की अपील
रईस ने मीडिया और सरकारी अधिकारियों से अपील की है कि उसकी स्थिति को समझा जाए और उसे इस परेशानी से बाहर निकाला जाए."मैं एक गरीब आदमी हूं. मेरी सिर्फ एक छोटी सी दुकान है. मुझे नहीं पता कि यह नोटिस क्यों आया है. मैं प्रशासन से अपील करता हूं कि वे इस मामले की सही से जांच करें और मुझे न्याय दिलाएं." फिलहाल, रईस और उसका परिवार इस मामले को लेकर बेहद चिंतित है. पूरे मोहल्ले में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर इस करोड़ों की रकम का सच क्या है.

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