जयपुर में करीब 30 साल बाद नगर निगम की सीमा का विस्तार होगा। जयपुर जिला प्रशासन ने नगर निगम के पुनर्गठन पर काम शुरू कर दिया है। जयपुर, सांगानेर और आमेर उपखंड के 80 नए गांव नगर निगम में जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
जयपुर नगर निगम में शामिल होंगे 80 नए गांव:30 साल बाद बढ़ेगा दायरा; शहरी क्षेत्र में आएगी 1.75 लाख की आबादी
जयपुर में करीब 30 साल बाद नगर निगम की सीमा का विस्तार होगा। जयपुर जिला प्रशासन ने नगर निगम के पुनर्गठन पर काम शुरू कर दिया है। जयपुर, सांगानेर और आमेर उपखंड के 80 नए गांव नगर निगम में जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
इनमें सबसे ज्यादा 46 गांव सांगानेर उपखंड के हैं। जयपुर उपखंड के 26 और आमेर के 8 गांव को शहरी क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन 80 गांवों को जोड़ने का प्रस्ताव सरकार को भेजने का निर्णय लिया जा चुका है।
वर्तमान में ये सभी राजस्व गांव रिंग रोड की सीमा में आ रहे हैं। इस प्रस्ताव के बाद इन गांवों की करीब पौने दो लाख की आबादी शहरी क्षेत्र में आ जाएगी और नगर निगम का दायरा भी बढ़ेगा।
फिलहाल जयपुर में 2 नगर निगम हेरिटेज और ग्रेटर हैं। राज्य सरकार इन्हें एक नगर निगम बनाने की तैयारी कर रही है।
जयपुर नगर निगम में शामिल होंगे 80 नए गांव:30 साल बाद बढ़ेगा दायरा; शहरी क्षेत्र में आएगी 1.75 लाख की आबादी
जयपुर में करीब 30 साल बाद नगर निगम की सीमा का विस्तार होगा। जयपुर जिला प्रशासन ने नगर निगम के पुनर्गठन पर काम शुरू कर दिया है। जयपुर, सांगानेर और आमेर उपखंड के 80 नए गांव नगर निगम में जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
इनमें सबसे ज्यादा 46 गांव सांगानेर उपखंड के हैं। जयपुर उपखंड के 26 और आमेर के 8 गांव को शहरी क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन 80 गांवों को जोड़ने का प्रस्ताव सरकार को भेजने का निर्णय लिया जा चुका है।
वर्तमान में ये सभी राजस्व गांव रिंग रोड की सीमा में आ रहे हैं। इस प्रस्ताव के बाद इन गांवों की करीब पौने दो लाख की आबादी शहरी क्षेत्र में आ जाएगी और नगर निगम का दायरा भी बढ़ेगा।
फिलहाल जयपुर में 2 नगर निगम हेरिटेज और ग्रेटर हैं। राज्य सरकार इन्हें एक नगर निगम बनाने की तैयारी कर रही है।
1994 में हुआ था जयपुर नगर निगम का गठन सूत्रों के मुताबिक जयपुर नगर परिषद से जयपुर नगर निगम का गठन साल 1994 में हुआ था। तब से अब तक जो राजस्व गांव और एरिया नगर निगम में शामिल था, उसमें विस्तार नहीं किया गया। हालांकि इस बीच जनसंख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए वार्डों का पुनर्गठन करके उनकी संख्या में इजाफा जरूर किया गया।
1994 में नगर निगम में 70 वार्ड बनाए गए थे। पहली बार साल 2004 में पुनर्गठन किया गया। वार्डों की संख्या 70 से बढ़ाकर 77 कर दी। साल 2014 में एक बार फिर वार्डों का पुनर्गठन करके संख्या 77 से बढ़ाकर 91 कर दी, लेकिन नगर निगम की सीमा का विस्तार नहीं किया गया।
जयपुर नगर निगम में शामिल होंगे 80 नए गांव:30 साल बाद बढ़ेगा दायरा; शहरी क्षेत्र में आएगी 1.75 लाख की आबादी
जयपुर2 दिन पहले
जयपुर में करीब 30 साल बाद नगर निगम की सीमा का विस्तार होगा। जयपुर जिला प्रशासन ने नगर निगम के पुनर्गठन पर काम शुरू कर दिया है। जयपुर, सांगानेर और आमेर उपखंड के 80 नए गांव नगर निगम में जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
इनमें सबसे ज्यादा 46 गांव सांगानेर उपखंड के हैं। जयपुर उपखंड के 26 और आमेर के 8 गांव को शहरी क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन 80 गांवों को जोड़ने का प्रस्ताव सरकार को भेजने का निर्णय लिया जा चुका है।
वर्तमान में ये सभी राजस्व गांव रिंग रोड की सीमा में आ रहे हैं। इस प्रस्ताव के बाद इन गांवों की करीब पौने दो लाख की आबादी शहरी क्षेत्र में आ जाएगी और नगर निगम का दायरा भी बढ़ेगा।
फिलहाल जयपुर में 2 नगर निगम हेरिटेज और ग्रेटर हैं। राज्य सरकार इन्हें एक नगर निगम बनाने की तैयारी कर रही है।
- Dainik Bhaskar
1994 में हुआ था जयपुर नगर निगम का गठन सूत्रों के मुताबिक जयपुर नगर परिषद से जयपुर नगर निगम का गठन साल 1994 में हुआ था। तब से अब तक जो राजस्व गांव और एरिया नगर निगम में शामिल था, उसमें विस्तार नहीं किया गया। हालांकि इस बीच जनसंख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए वार्डों का पुनर्गठन करके उनकी संख्या में इजाफा जरूर किया गया।
1994 में नगर निगम में 70 वार्ड बनाए गए थे। पहली बार साल 2004 में पुनर्गठन किया गया। वार्डों की संख्या 70 से बढ़ाकर 77 कर दी। साल 2014 में एक बार फिर वार्डों का पुनर्गठन करके संख्या 77 से बढ़ाकर 91 कर दी, लेकिन नगर निगम की सीमा का विस्तार नहीं किया गया।
गहलोत सरकार में बना दिए 2 नगर निगम साल 2019 में तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार में जयपुर नगर निगम को दो हिस्सों में बांट दिया। नगर निगम ग्रेटर और नगर निगम हेरिटेज बना दिए। नगर निगम ग्रेटर में वार्डों की संख्या 150 और हेरिटज में 100 कर दी। यानी कुल 250 वार्ड बनाए गए, लेकिन तब भी सीमा विस्तार नहीं किया गया।
जयपुर जिला प्रशासन ने अब जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसे सरकार के पास जल्द भिजवाया जाएगा। इसमें जयपुर, सांगानेर और आमेर उपखंड की 27 ग्राम पंचायतों के कुल 80 राजस्व गांव हैं।
बताया जा रहा है कि इसकी समय सीमा मई-जून 2025 तय की गई है। सरकार के पास प्रस्ताव भेजने के बाद इस पर आपत्ति और सुझाव मांगे जाएंगे। इसके बाद इनका निपटारा कर इस पर फाइनल फैसला होगा।
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