बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस के अपहरण और लगातार हो रहे हमलों ने पाकिस्तानी सैन्य की विफलता और बलूचिस्तान में बढ़ते बलूच प्रतिरोध को दुनिया के सामने उजागर किया है। बलूच लिबरेशन आर्मी ने ट्रेन हाईजैक कर ताकत दिखाई है। पाक सेना को बीएलए के सामने काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हाालिया समय में हिंसा की घटनाओं में तेजी देखी गई है। पाकिस्तानी सेना से विद्रोही गुट बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का लगातार टकराव हो रहा है। हाल ही में बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने और नोशकी में सैन्य कामिले पर अटैक की घटना ने पाकिस्तान और बलूच विद्रोह के बीच गहराते मतभेदों को उजागर कर दिया है। बीएलए ने बलूचिस्तान में ट्रेन को रोककर बड़ी तादाद में लोगों को बंधक बनाया। इसके बाद 36 घंटे से ज्यादा समय तक बीएलए और पाक सेना आामने-सामने रही।
द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट कहती है कि जाफर एक्सप्रेस की घटना से पाकिस्तान और बलूच विद्रोहियों में तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तानी सरकार बीएलए को आतंकवादी गुट कहती है। पाक सरकार ने बीएलए की मांगों को सिरे से खारिज किया है। दूसरी ओर बीएलए ने हालिया हमलों से साबित कर दिया है कि उसकी ताकत बढ़ गई है। इससे पाकिस्तान का बलूचिस्तान पर नियंत्रण कमजोर हो रहा है। इससे साफ है कि आने वाले समय में बलूचिस्तान मे संघर्ष और तेज होगा।
प्लान बनाकर किया ट्रेन पर हमला
रिपोर्ट कहती है कि जाफर एक्सप्रेस पर हमला अचानक नहीं हुआ। यह एक योजनाबद्ध अभियान के तहत किया गया। बीएलए ने ट्रेन में मौजूद पाक सेना के लोगों को निशाना बनाया और बलूच राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की मांग की। हालांकि पाकिस्तान ने बातचीत करने से इनकार कर दिया। इस पूरे मामले में पाकिस्तानी सेना और बीएलए की ओर से किए गए दावों में भी फर्क है। पाक सेना ने 30 से कम तो बीएलए 200 से ज्यादा मौतों का दावा किया है।
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