Government Schemes in Delhi: अरविंद केजरीवाल की सरकार में अल्पसंख्यक, पिछड़ों और दलितों के लिए फर्जी योजनाएं घोषित की जाती थीं। उनके लिए बजट भी आवंटित होता था, लेकिन खर्च एक रुपया नहीं होता है। भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंकड़े पेश कर इसका दावा किया है। इसके साथ ही इसे पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस बताया।
Government Schemes in Delhi: दिल्ली में गुरुवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर घोटालेबाजी का आरोप लगाया। इस दौरान भाजपा नेता ने दावा किया कि पिछले दस सालों में योजनाओं के नाम पर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के अल्पसंख्यकों, पिछड़ों और दलितों को सिर्फ छलने का काम किया है। भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा “बाबा साहेब के नाम पर अल्पसंख्यकों, पिछड़ों और दलितों को बरगलाकर वोट हासिल करने वाले अरविंद केजरीवाल ने पिछले दस सालों में अल्पसंख्यकों, पिछड़ों और दलितों के लिए कुछ नहीं किया। इनके लिए योजनाओं और बजट की घोषणा जरूर की गई, लेकिन इनकी बेहतरी के लिए एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया।”
साल 2021-23 का भाजपा ने पेश किया ब्योरा
गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीरेंद्र सचदेवा ने कहा “2020-21 से लेकर 2023-24 के बीच में तीन सालों में दलित प्रतिभा योजना के लिए अरविंद केजरीवाल ने बजट में 70 करोड़ रुपये आवंटित किए। इसमें से एक रुपया भी खर्च नहीं किया। 2020-21 से 2023-24 के बीच में अगर अल्पसंख्यक, पिछड़े और गरीब भी जोड़ें तो उनके लिए 250 करोड़ का लंबा बजट घोषित किया, लेकिन खर्च किए मात्र 4 करोड़ दो लाख रुपये। वहीं जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना के नाम पर 2020-21 से 2023-24 तक अरविंद केजरीवाल ने 461 करोड़ रुपये आवंटित किए। इसमें से मात्र सात प्रतिशत यानी 32.2 करोड़ रुपये खर्च किए।”
योजनाओं के लिए बजट रखा, लेकिन खर्च नहीं किया
भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा “आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के काले कारनामों की लंबी फेहरिस्त है। अरविंद केजरीवाल ने कैसे दलित वर्ग, गरीब और पिछड़ा वर्ग को धोखा देने का काम किया है। उनकी पीठ पर छुरा घोंपने का काम किया है। अपने कार्यकाल में अरविंद केजरीवाल ने दलितों और गरीबों और अनुसूचित जाति के लोगों के लिए जितनी योजनाओं की घोषणा की है। जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के लिए जो योजनाएं जारी की। उन्हें धरातल पर नहीं उतारा। अरविंद केजरीवाल सिर्फ योजनाओं के नाम पर जनता से वोट लेते रहे, लेकिन वोटबैंक के लिए कोई काम नहीं किया।”