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प्रधानमंत्री, सेना प्रमुख, आईएसआई चीफ... पाकिस्तान के सबसे ताकतवर लोगों की बंद कमरे में बैठक, एजेंडा क्या था

पाकिस्तान में मंगलवार को आतंकवाद पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल असीम मुनीर, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (डीजी आईएसआई) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक, चार प्रांतों के मुख्यमंत्री और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। हालांकि, इस बैठक से पाकिस्तानी गृह मंत्री और विपक्ष के नेता दूर रहे।
बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल

इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (डीजी आईएसआई) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक, सभी चार प्रांतों के मुख्यमंत्री और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। राजनीतिक और सार्वजनिक मामलों पर प्रधानमंत्री के सहयोगी राणा सनाउल्लाह के अनुसार, सैन्य नेतृत्व ने सांसदों को सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी।

BLA के हमलों से दहला पाकिस्तान

यह उच्च स्तरीय बैठक पिछले सप्ताह प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) विद्रोहियों के हमले के कुछ दिनों बाद हुई है, जिन्होंने बोलन जिले के एक सुदूर पहाड़ी दर्रे में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया था। जाफर एक्सप्रेस ट्रेन क्वेटा से पेशावर जा रही थी। इस ट्रेन में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के 100 से अधिक जवान भी सवार थे, जिन्हें बंधक बनाया गया था। बाद में विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने 154 बंधकों की हत्या कर दी थी, हालांकि पाकिस्तानी सेना ने अलग ही दावा किया था

पाकिस्तानी सेना कर रही झूठा दावा

पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि जाफर एक्सप्रेस ट्रेन क छुड़ाने और बंधकों को बचाने के दौरान 33 बलूच विद्रोहियों को मार गिराया गया था। इस आपरेशन के दौरान 26 यात्रियों की मौत की भी जानकारी दी गई थी। यह भी बताया गया था कि मुठभेड़ में 4 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे। मारे गए ट्रेन यात्रियों में सेना और एफसी के 18 सुरक्षाकर्मी, पाकिस्तान रेलवे और अन्य विभागों के तीन अधिकारी और पांच नागरिक शामिल थे।

प्रधानमंत्री, सेना प्रमुख, आईएसआई चीफ... पाकिस्तान के सबसे ताकतवर लोगों की बंद कमरे में बैठक, एजेंडा क्या था:
पाकिस्तान में मंगलवार को आतंकवाद पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल असीम मुनीर, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (डीजी आईएसआई) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक, चार प्रांतों के मुख्यमंत्री और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। हालांकि, इस बैठक से पाकिस्तानी गृह मंत्री और विपक्ष के नेता दूर रहे।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बढ़ते चरमपंथी हमलों ने सेना और सरकार की नींद उड़ा रखी है। लोग बढ़ते हमलों का ठीकरा इन्हीं दोनों पर फोड़ रहे हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान में मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा पर संसदीय समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक बंद कमरे में हुई, जिसमें पाकिस्तान का शीर्ष नेतृत्व शामिल हुआ। बड़ी बात यह है कि आंतरिक सुरक्षा का मुद्दा बोने के बावजूद गृह मंत्री मोहसिन नकवी, संसद में विपक्ष के नेता उमर अयूब और मुख्य विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सदस्यों ने भाग नहीं लिया।

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