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हिंडन एयरपोर्ट के पास बनेंगे होटल, रेस्तरां और मॉल, हजारों पैसेंजर्स को होगा फायदा

हिंडन एयरपोर्ट के आसपास होटल, रेस्तरां, मॉल और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनेंगे। आवास एवं विकास परिषद अजंतापुरम योजना में एयरपोर्ट मार्ग के आसपास की जमीन पर व्यावसायिक भूखंड काटेगी। मुख्यालय से मुहर लगने के बाद लेआउट फाइनल होगा।
हिंडन एयरपोर्ट के आसपास होटल, रेस्तरां, मॉल और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनेंगे। आवास एवं विकास परिषद अजंतापुरम योजना में एयरपोर्ट मार्ग के आसपास की जमीन पर व्यावसायिक भूखंड काटेगी। मुख्यालय से मुहर लगने के बाद लेआउट फाइनल होगा, जिसके बाद भूखंडों की नीलामी की जाएगी।
हिंडन एयरपोर्ट सिकंदरपुर और आसपास की जमीन पर बना है। एयरपोर्ट से सटी जमीन पर आवास एवं विकास परिषद की अजंतापुरम योजना प्रस्तावित है, जिसका लेआउट तैयार हो रहा है। मार्च में हिंडन एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत होने के बाद यहां रोजाना डेढ़ हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही हो रही है।

एयरपोर्ट सलाहकार समिति की बैठक में संपर्क मार्ग को चार लेन का बनाने के साथ ही आसपास के होटल व रेस्तरां खोलने का मुद्दा उठा, जिसे लेकर एयरपोर्ट निदेशक ने भी प्रशासन को पत्र लिखा था। प्रशासन ने आवास एवं विकास परिषद से सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन मांगी थी। इसी कारण परिषद ने भी अजंतापुरम योजना के लेआउट में बदलाव किया है। लेआउट पिछले माह फाइनल हो चुका था, लेकिन अब इसमें एयरपोर्ट के मार्ग के आसपास योजना की जमीन को व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित किया गया है।

आगंतुकों को भी फायदा होगा
परिषद की इस योजना से आगंतुकों के साथ एयरलाइंस कंपनियों को भी फायदा होगा। अभी एयरलाइंस कंपनियों के पायलट व क्रू मेंबर के रुकने के लिए दिल्ली में होटल बुक करने पड़ते हैं। उन्हें वहां से लाने-ले जाने में भी समय लगता है। एयरपोर्ट के पास होटल खुलने से काफी समय बचेगा। रेस्तरां खुलने से लोग ब्रेकफास्ट और लंच एयरपोर्ट के पास ही कर सकेंगे।

डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सुविधा नहीं
मेन वजीराबाद रोड से हिंडन एयरपोर्ट तक जाने वाला मार्ग करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा है। इस पूरे मार्ग पर होटल या रेस्तरां तो दूर पानी की बोतल भी नहीं मिलती। इसीलिए यात्रियों को काफी परेशानी होती है। योजना के मुताबिक इस रोड के किनारे की जमीन पूरी तरह से व्यावसायिक उपयोग के लिए रहेगी। योजना की करीब 80 फीसदी जमीन समितियों को आवंटित हो जाएगी। ऐसे में बाकी जमीन कम होने के चलते ही पूरे मार्ग पर व्यावसायिक भूखंड काटे जाएंगे ताकि सभी सुविधाएं पर्याप्त रूप से विकसित हो सकें।

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