Medicine Price Hike: दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए कच्चे माल की बढ़ती लागत को वजह बताया जा रहा है। कंपनियां इसी कारण से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी की मांग कर रही थीं।
Medicine Price Hike: देश में 1 अप्रैल से आवश्यक दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी होने जा रही है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 906 दवाओं की कीमतों में 1.74 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इनमें 80 नई दवाएं भी शामिल हैं। इन दवाओं में डायबिटीज, बुखार और एलर्जी जैसी आम बीमारियों में काम आने वाली दवाएं शामिल हैं। हालांकि यह वृद्धि पिछले दो सालों के मुकाबले कम है। दवाओं की कीमतों में 2023 में 12 फीसदी और 2022 में 10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
इसलिए बढ़ाई कीमत
बता दें कि दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए कच्चे माल की बढ़ती लागत को वजह बताया जा रहा है। कंपनियां इसी कारण से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी की मांग कर रही थीं।कंपनियां कीमत बढ़ाने की कर रही थी मांग
फार्मा कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतें, यानी दवा बनाने वाले कंपोनेंट्स के दाम पिछले कुछ समय से बढ़ रहे थे, जिसकी वजह से लागत भी बढ़ गई है। बता दें कि कंपनियां काफी समय से कीमतें बढ़ाने की मांग कर रही थीं।WPI के आधार पर हुई बढ़ोतरी
एनपीपीए के मुताबिक महंगाई बढ़ने के कारण दवाओं के मूल्य में संशोधन किया गया है। सरकार हर साल आवश्यक दवाओं की कीमतों की समीक्षा करती है और थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) में बढ़ोतरी के आधार पर कीमत तय करती है।
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