कॉलोनियों के 150 अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रहा बीडीए.
Rajasthan News: नगर निगम क्षेत्र में आने वाली तीन कॉलोनी के 150 मकानों को अवैध मानते हुए भरतपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) की ओर से मकानों को तोड़ने का नोटिस थमाया गया है. नोटिस मिलते ही मकान मालिक बेहद परेशान हैं, जिसके चलते कुछ लोगों की तबीयत खराब होने लगी है. इस वजह से लोगों ने होली का पर्व भी नहीं मनाया. जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत करने के लिए जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है. आखिरकार लोगों ने कहा है उनके अगर मकान तोड़े गए तो वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि उनके पास इसके अलावा अब रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं है.
पीएम आवास योजना के मकान भी शामिल
बीडीए की ओर से जिन मकानों को वैध माना है, उनके रजिस्ट्री के कागज के साथ बिल और बिजली का कनेक्शन हैं. इनमें से कुछ ऐसे मकान हैं, जिन्हें बनाने के लिए पीएम आवास योजना की ओर से पैसा दिया गया है. इस मामले को लेकर के कोई भी प्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन का अधिकारी खुल के नहीं बोल रहा सभी चुप्पी साधे हुए हैं. योजना नंबर 13 के में विभिन्न निर्माण कार्य किए जाने हैं, जिसके चलते तीन कॉलोनी विजयनगर, देवनगर और जसवंत नगर के करीब 150 मकान को अवैध मानते हुए बीडीए की ओर से 7 दिन में अपने स्तर पर हटाने के नोटिस दिए गए हैं. नोटिस में लिखा है कि समय अवधि समाप्त होने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी.
बीडीए की तरफ से नोटिस मिलने के बाद कॉलोनी में रहने वालों की बढ़ी टेंशन.
’फिर हमें मजबूरन आत्महत्या करनी पड़ेगी'
स्थानीय निवासी राधा ने जानकारी देते हुए बताया कि वह मेहनत और मजदूरी करती है. उसी का पैसा जोड़कर उन्होंने यह जमीन खरीदी थी और उसकी रजिस्ट्री भी करवाई थी. उसके पास में मकान के पूरे कागज हैं. घर बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना से राशि भी मिली थी. कुछ दिन पहले नोटिस मिला है, जिसमें कहा गया है कि आपका मकान अवैध है. इस मामले को लेकर अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी. इस नोटिस की वजह से हम बहुत परेशान हैं. कई लोग ऐसे हैं जिनकी तबीयत बिगड़ गई है. एक मजदूर आदमी जैसे तैसे पैसा जोड़कर अपना मकान बना पाता है. अगर यही टूट जाएगा तो हमारे लिए रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं होगा. मजबूरन हम लोगों को आत्महत्या करनी पड़ेगी.
PMAY के तहत बने कॉलोनी के 10-15 मकान'
वहीं स्थानीय निवासी सुनीता देवी ने बताया कि मुझे जयपुर बुलाया गया था और ₹30000 का चेक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए मुझे मिला था. इसके अलावा कॉलोनी के 10 से 15 अन्य ऐसे मकान हैं जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि से बने हुए हैं. उनको भी बीडीए की ओर से अवैध मकान होने के नोटिस दिए हैं.
'अवैध जमीन पर कब्जा करके मकान बनाया'
जब इस बारे में बीडीए आयुक्त प्रतीक जुड़कर से बातचीत की गई तो उन्होंने AEUNEWS24 को बताया, '150 मकान मालिकों को नोटिस दिया गया है. यह नोटिस उन्हीं लोगों के लिए दिया गया है, जिन्होंने अवैध कब्जा कर मकान बनाए हैं. पीएम आवास योजना के तहत जिन लोगों ने मकान का निर्माण किया है, उन्होंने अवैध भूमि पर कब्जा कर राशि से मकान का निर्माण किया है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों के मामले की जांच की जा रही है. उसके बाद ही इन लोगों के मकान तोड़ने का फैसला लिया जाएगा.
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