यूडीएच मंत्री की बेअसर रही फटकार, आधे -अधूरे हैं गुलाबबाड़ी-दौराई-सुभाषनगर आरओबी – गुलाबबाड़ी फाटक के अंडरपास डिजाइन को अब मिली मंजूरी – सुभाषनगर अंडरपास की ऊंचाई कम होने से नहीं निकल पाते कई वाहन अजमेर. शहर के दूरस्थ व पेराफेरी इलाकों की करीब दो लाख से अधिक की आबादी पिछले नौ सालों से शहर […]
-अधूरे हैं गुलाबबाड़ी-दौराई-सुभाषनगर आरओबी
– गुलाबबाड़ी फाटक के अंडरपास डिजाइन को अब मिली मंजूरी
– सुभाषनगर अंडरपास की ऊंचाई कम होने से नहीं निकल पाते कई वाहन
प्रशासन, रेलवे व निर्माण एजेंसी में नहीं समन्वयआमजन की सुविधा से सीधे जुड़े इन निर्माण के मामलों में संबंधित विभागों में समन्वय ही नहीं है। गुलाबबाड़ी आरओबी को बिना अंडरपास जोड़ने की योजना दो-तीन साल पहले ही बनाकर रेलवे व निर्माण एजेंसी आरएसआरडीसी ने अंडरपास के लिए स्थान पर्याप्त नहीं होने के आधार पर जिला प्रशासन से एनओसी तक ले ली। विधायक अनिता भदेल द्वारा अंडरपास बनाने पर जोर देन के बाद इसे री-डिजाइन कर पुन: निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। जिसकी वित्तीय अनुमति मिलने के बाद अंडरपास निर्माण शुरू होगा। यही हाल दौराई में बनने वाले आरओबी का है। यहां पहले भूखंड का विवाद रहा। बाद में गलत डिजाइन का पिलर बना दिया जिसे पुन: नया बनाया जाना है।
अजमेर. शहर के दूरस्थ व पेराफेरी इलाकों की करीब दो लाख से अधिक की आबादी पिछले नौ सालों से शहर आने के लिए रेलवे क्रॉसिंग पर रोज मशक्कत कर रही है। कभी डिजाइन, कभी सियासी हालात तो कभी बजट व तकनीकी गुणा-भाग में अटकी अजमेर के तीन निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज पूरे नहीं हे सके हैं। यह हालात 2016-17 से बरकरार हैं।शहर के तीन रेलवे ओवर ब्रिजों में गुलाबबाड़ी, सुभाष नगर व दौराई (डेयरी) के क्षेत्रवासी रोज ही रेलवे क्रॉसिंग पार करने में मशक्कत करते हैं। इन्हें प्रतिदिन फाटक बंद होन से लगे जाम से जूझना पड़ता है। हालांकि कुछ माह पूर्व सुभाष नगर व दौराई अंडरपास शुरू किए गए, लेकिन तकनीकी खामी के चलते यह भी सौ फीसदी उपयोगी नहीं हो रहे। इनकी ऊंचाई व निर्माण गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
