प्रेग्नेंसी का समय पूरा होने पर उसने सफदरजंग अस्पताल से बच्ची चुराई तो पूरा खेल खुल गया।
Woman Fake Pregnancy: प्रेग्नेंट न होने पर महिला ने रचा ‘मायाजाल’, पति को नहीं लगने दी भनक, नौ महीने तक नाटक फिर…
घटना दिल्ली के सफरदजंग अस्पताल की है। जहां 15 अप्रैल को एक दिन की नवजात बच्ची चोरी होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा था। यह बच्ची दिल्ली की मालवीय नगर निवासी 27 साल की महिला पूजा ने चुराई थी। पुलिस ने बच्ची चोरी की सूचना मिलने के बाद अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। इसमें पूजा को नवजात और पोस्टनैटल देखभाल वार्ड के पास घूमते और कई महिलाओं से बात करते समय अपना चेहरा दुपट्टे से छिपाते हुए देखा गया।
दिल्ली में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां की निवासी एक 27 साल की महिला ने गर्भधारण में परेशानी के चलते ऐसा मायाजाल रचा। जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। दरअसल, दिल्ली निवासी 27 साल की पूजा देवी (बदला हुआ नाम) ने 9 महीनों तक गर्भवती होने का झूठा नाटक किया। अपने झूठ को सच साबित करने के लिए उसने सफदरजंग अस्पताल से एक नवजात बच्ची को चुरा लिया। वह बच्ची को अपनी बताकर परिवार को दिखाना चाहती थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने महज 4 घंटे में उसे पकड़कर बच्ची को सकुशल उसके माता-पिता को लौटाया और महिला के परिजनों को मामले की जानकारी दी।
सात साल पहले हुई थी शादी, गर्भधारण में परेशानी
डीसीपी ने बताया कि पुलिस पूछताछ में पूजा ने बताया कि करीब सात साल पहले उसकी शादी फरीदाबाद में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले पिंकू कुमार से हुई थी। शादी के बाद से वह गर्भधारण नहीं कर पाई। हालांकि, उसके पति ने कभी इसको लेकर कोई दबाव नहीं बनाया, लेकिन समय के साथ वह सामाजिक और भावनात्मक दबाव में घिरती चली गई। करीब आठ महीने पहले उसने अपने परिवार और ससुराल वालों को बताया कि वह गर्भवती है।पुलिस ने महज चार घंटे में बरामद की बच्ची
इसके बाद पुलिस ने महिला की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत से एक-एक बिंदु को जोड़ते हुए महज चार घंटे में बच्ची समेत महिला को मालवीय नगर पोस्ट ऑफिस के सामने से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एक दिन की नवजात बच्ची को उसके माता-पिता के हवाले किया गया। डिप्टी पुलिस कमिश्नर (दक्षिण-पश्चिम) सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि बच्ची का जन्म सोमवार को चाणक्यपुरी के यशवंत प्लेस में रहने वाले एक दंपत्ति के घर हुआ था। मंगलवार दोपहर को बच्ची की मां सफदरजंग अस्पताल के वार्ड नंबर 5 में पोस्टनैटल केयर से दूध लेने बाहर निकली। इसी बीच पूजा ने बच्ची चुरा ली। बच्ची की मां जब वापस लौटी तो बेटी नहीं मिली। इसपर उसने परिजनों को मामले की सूचना दी।डीसीपी सुरेंद्र चौधरी ने बताया “मंगलवार दोपहर करीब 3.15 बजे एक दंपति की सफदरजंग अस्पताल के प्रसूति वार्ड से बच्ची लापता हो गई। दंपति ने हर जगह बच्ची को तलाश करने की कोशिश की, लेकिन वह उसे खोज नहीं पाए। इसके बाद शाम करीब 4 बजे बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने अस्पताल से सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी की मदद से महिला की पहनान कर मालवीय नगर पोस्ट ऑफिस के सामने से उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी महिला ने बताया कि वह 14 अप्रैल को अस्पताल गई थी और 15 अप्रैल को बच्ची को लेकर घर आई थी।”
इस झूठ को सच साबित करने के लिए वह कुछ दिन पहले चुपचाप ससुराल छोड़कर मायके चली गई और बहाना बनाया कि डिलीवरी की तारीख नजदीक है। सोमवार को वह यह कहकर घर से निकली कि उसे प्रसव के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती होना है। मंगलवार को जब वह एक नवजात बच्ची के साथ लौटी, तो सबको विश्वास हो गया कि उसने बच्ची को जन्म दिया है। लेकिन बाद में सामने आया कि वह शिशु चोरी कर लाई थी। पुलिस जांच में पता चला है कि उसके पति को इस पूरे प्रकरण की कोई जानकारी नहीं थी।