CBI Raid पर आरोपों को लेकर भड़की BJP पहले आम आदमी पार्टी ने इसे भाजपा की राजनीतिक साजिश बताया था। अब भाजपा ने इसपर पलटवार किया है।
आप नेताओं के बयान पर भाजपा अध्यक्ष ने किया पलटवार
गुरुवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं के आरोपों पर भाजपा नेता सचदेवा ने कहा, “2027 में गुजरात चुनाव होने हैं, लेकिन केजरीवाल की पार्टी अभी से डर गई है। यह पार्टी अपने ही चंदे में हेराफेरी करने वालों से भरी पड़ी है। दुर्गेश पाठक जैसे लोग साबित करते हैं कि आम आदमी पार्टी की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है।”
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे गुजरात चुनाव से जोड़ते हुए भाजपा की साजिश बताया है। सीबीआई की इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह छापेमारी राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है और इसका सीधा संबंध गुजरात विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों से है। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही दुर्गेश पाठक को गुजरात चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई, उसके तुरंत बाद यह कार्रवाई की गई। अब भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा दिल्ली अध्यक्ष ने कार्रवाई को सही ठहराया
भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा, “अगर जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं तो आपत्ति क्यों जताई जा रही है?” उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “मैं अरविंद केजरीवाल को बधाई देता हूं कि उनकी पार्टी ने दस तरह के घोटाले और चोरी के मामले किए हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी के चंदे को हजम करने वाले ये ‘चंदाखोर’ तो लालू यादव से भी ज्यादा भ्रष्ट साबित हो रहे हैं।” सचदेवा ने आगे कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और जांच के बाद यह सामने आएगा कि और कितने लोगों ने पार्टी फंड का दुरुपयोग किया है।
सचदेवा ने आगे कहा, “हमने अब तक ‘चंदा चोर’ शब्द तो सुना था, लेकिन आम आदमी पार्टी तो ‘चंदाखोर पार्टी’ बन चुकी है।” उन्होंने दुर्गेश पाठक पर सीधे तौर पर हमला बोलते हुए कहा कि वह अपनी ही पार्टी के चंदे में गड़बड़ी करने वाले व्यक्ति हैं, जो कथित रूप से लालू यादव से भी आगे निकल चुके हैं।
आम आदमी पार्टी ने गुजरात चुनाव से जोड़ा
सीबीआई की रेड की जानकारी सबसे पहले आप नेताओं ने सार्वजनिक की थी।जिसे बाद में जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने पुष्टि की। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। जिसका उद्देश्य गुजरात चुनाव में पार्टी की बढ़ती ताकत को दबाना है। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बयान में कहा, “भारतीय जनता पार्टी जानती है कि गुजरात में अब वही एकमात्र विकल्प बची है जो उन्हें चुनौती दे सकती है। इसी सच्चाई से घबरा कर केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।”
