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कांस्टेबल पवन मीणा को अपने साथी जवानों समेत सैकड़ों लोगों को करोड़ों की चपत लगाने के मामले में पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने निलंबित कर दिया है।

 अपने साथी जवानों समेत सैकड़ों लोगों को करोड़ों की चपत लगाकर भागे कांस्टेबल पवन कुमार मीणा को पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने सोमवार को निलंबित कर दिया। कांस्टेबल के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे के अनुसंधान में अपराध साबित होने पर पुलिस अधीक्षक को दुराचरण रिपोर्ट पेश की गई थी। जिसके आधार पर एसपी ने पवन मीणा को निलंबित करते हुए गिरफ्तारी के आदेश दिए।


यूं बनाता था शिकार

पड़ताल में आया कि पुलिस लाइन में तैनात सिपाही पवन अपने साथियों को खुद के गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़े प्रोजेक्ट में निवेश कर दो से चार गुना तक कमाई के सपने दिखाता था। कुछ साथियों को एक फार्मा कम्पनी में निवेश करने पर मोटी कमाई का झांसा देता था। सिपाही भी मुनाफे के फेर में निवेश के लिए राजी हो जाते थे। आरोपी ने अलग-अलग समय पर कई साथियों से करोड़ों की रकम ऐंठ ली।
कांस्टेबल पवन मीणा के खिलाफ मिली दुराचरण रिपोर्ट पर निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ दर्ज प्रकरण में अनुसंधान और गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।-

सिपाहियों ने दर्ज कराए हैं मुकदमे

गौरतलब है कि सिपाही पवन मीणा के खिलाफ गत 10 अप्रेल को क्लॉक टावर थाने के सिपाही दीपक वैष्णव ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। जबकि इससे पूर्व किशनगढ़ में तैनात सिपाही वी.पी. सिंह ने भी मुकदमा दर्ज करा रखा है। वी.पी.सिंह की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में 20 से ज्यादा लोगों की शिकायतों को क्लब किया है।

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