यह यात्रा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में चल रही है, जिसका उद्देश्य ‘‘हिंदू एकता’’ और ‘‘सनातन धर्म की एकरूपता’’ को बढ़ावा देना बताया गया है।
यह यात्रा दिल्ली से शुरू होकर वृंदावन तक जाएँगी — यानी दिल्ली → हरियाणा → उत्तर प्रदेश का रास्ता तय कर रही है।
मार्ग में शामिल इलाकों में ट्रैफिक अभिसरण/निषेधात्मक कदम उठाये गए हैं — जैसे दिल्ली-एनसीआर में रास्तों पर रोक लगाना, डायवर्जन करना।
यात्रा में कुछ सामाजिक-राजनीतिक स्वर भी देखने को मिल रहे हैं — जैसे ‘‘हिंदू राष्ट्र’’ बने इसकी बात, जात-पात भेद को मिटाने की प्रतिज्ञा।
भारी भीड़ का जुटाव है, सेलिब्रिटी समर्थन भी मिल रहा है।
इस यात्रा के चलते ट्रैफिक परमिट एवं एडवाइजरी जारी हुई थी।
यात्रा 10 से 16 नवंबर के बीच चलने वाली बताई गई है।
कुछ विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिले — जैसे भीम आर्मी का विरोध।