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15 लाख रुपये देकर पास की राजस्थान SI की परीक्षा, अब SOG ने मोनिका जाट पर लिया ये एक्शन

Rajasthan Paper Leak Case: मोनिका ने ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल गिरोह के सरगना पौरव कालेर से परीक्षा से पूर्व ब्लूटूथ के माध्यम से पेपर पढ़वाने के लिए सौदा किया था. इसके लिए उसे 15 लाख रुपये दिए थे.
AEU News24: राजस्थान में साल 2021 की विवादित सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर जांच में जुटी एसओजी ने एक और महिला ट्रेनी सब इंस्पेक्टर मोनिका जाट को गिरफ्तार किया है. 25 साल की मोनिका जाट झुंझुनू जिले के नवलगढ़ की रहने वाली है. मोनिका ने इस परीक्षा को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करके पास किया था.
एसओजी और एटीएस के अतिरिक्त महानिदेशक विजय कुमार सिंह बताया कि उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 में चयनित उप निरीक्षक मोनिका जाट वर्तमान ने उप निरीक्षक पुलिस (प्रशिक्षु), पुलिस लाइन झुंझुनू में थीं, उन्हें मंगलवार (18 मार्च) को गिरफ्तार किया गया.
नकल गिरोह के सरगना को दिए 15 लाख
गिरफ्तार मोनिका ने ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल गिरोह के सरगना पौरव कालेर से 15 लाख रुपये में परीक्षा से पूर्व ब्लूटूथ के माध्यम से पेपर पढ़वाने हेतु सौदा किया. मोनिका की उप निरीक्षक पुलिस की परीक्षा 15 सितंबर 2021 को अजमेर में हुई थी. पौरव कालेर ने ब्लूटूथ के माध्यम से मोनिका को सब इंस्पेक्टर पुलिस की लिखित परीक्षा की दोनों पारियों का पेपर पढ़ाया.
नकल से हासिल किए इतने नंबर
नकल से परीक्षा देने वाली मोनिका के इस प्रतियोगी परीक्षा के हिन्दी विषय में 200 में से 184 और सामान्य ज्ञान विषय में 200 में से 161 नंबर आए थे, जबकि इंटरव्यू में उसे सिर्फ 15 नंबर मिले थे. नकल की वजह मिले नंबरों के कारण मोनिका का उप निरीक्षक पुलिस के पद पर मैरिट संख्या 34 पर चयन हुआ. 

पुलिस अकादमी जयपुर से हुई थी फरार

जांच में पता चला कि इस काम के बदले मोनिका ने पौरव कालेर को 15 लाख रुपये दिए. एसओजी ने जब जांच के दौरान पौरव कालेर को गिरफ्तार किया तो मोनिका ट्रेनिंग के बीच से राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर से फरार हो गई. फरार मोनिका को झुंझुनू जिला आवंटित हुआ था और आज वो अपनी जॉइनिंग के लिए झुंझुनू पुलिस लाइन पहुंची थी. एसओजी ने यहीं से मोनिका को गिरफ्तार कर लिया.

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