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चार दशक बाद मनचाही मुराद पूरी, इंदिरा गांधी ने देखा था सपना, अब रूस-फ्रांस जैसे मित्र भी जलने लगे!

भारत ने 4.5 पीढ़ी के देसी फाइटर जेट तेजस MK1A का निर्माण पूरा किया है. एचएएल ने इसे नासिक प्लांट में बनाया है और अप्रैल के अंत तक सेना को सौंपेगा. इससे रूस और फ्रांस जैसे मित्र देश भी मायूस हो सकते हैं. ऐसा होने पर उनके लिए एक बड़ा बाजार उनके हाथ से निकल जाएगा.
भारत की एक बड़ी मुराद पूरी होने जा रही है. यह एक ऐसी मुराद है जिसकी चाहत बीते चार दशक से अधिक समय से बनी हुई थी. इसका सपना दिवंगत पूर्व पीएम इंदिरा गांधी से देखा था और उस सपने में पूर्व पीएम दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी ने फंख लगाए थे. लेकिन, यह काम ही इतना जटिल था कि इसे आकार रूप में लेने में चार दशक से अधिक का समय लग गया. अब जबकि भारत की यह दशकों पुरानी मुराद है पूरी होने जा रही है तो इससे दुश्नन ही नहीं मित्र देशों का भी जलन होना स्वाभाविक है. उनको इस बात का डर है भारत अपनी इस उपलब्धि से उनके ऊपर अपनी निर्भरता कम कर लेगा. ये मित्र देश रूस और फ्रांस जैसी महाशक्तियां हैं. इसमें हम अमेरिका का भी नाम जोड़ सकते हैं. वह भारत की इस उपलब्धि से दुखी हो सकता है.
जी हां, आप बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं. भारत की इस उपलब्धि से सेना और देश के वैज्ञानिकों का मनोबल काफी बढ़ गया है. दरअसल, हम बात कर रहे हैं देसी फाइटर जेट के निर्माण में बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बारे में. भारत तमाम अड़चनों को पार पाने के बाद 4.5 पीढ़ी का अपना पहला देसी लड़ाकू विमान सेना को सौंपने की तैयारी में है

MK1A फाइटर जेट का निर्माण
सार्वजनिक क्षेत्र की विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) लाइट कंबैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस प्रोग्राम के तहत पहला तेजस MK1A फाइटर जेट का निर्माण पूरा करने वाली है. भारतीय वायु सेना के ऑर्डर के तहत यह विमान बना है. इस विमान को एचएएल के नासिक प्लांट में बनाया गया है. इस पहले विमान को अगले माह यानी अप्रैल के अंत तक सेना को सौंपे जाने की संभावना है.

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