अवैध वसूली:
अजमेर रेलवे स्टेशन पर पार्किंग संचालकों द्वारा यात्रियों से निर्धारित शुल्क से दोगुनी राशि वसूलने की घटनाएं आम हो चुकी हैं
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई शून्य:
DRM कार्यालय, स्टेशन अधीक्षक और मुख्य टिकट निरीक्षक को कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यात्रियों से दुर्व्यवहार:
शुल्क पर सवाल उठाने पर यात्रियों के साथ अभद्रता, गाली-गलौच और धमकाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
व्यवस्था में लापरवाही:
पार्किंग शुल्क के स्पष्ट रेट बोर्ड कई स्थानों पर गायब हैं या अदृश्य हैं, जिससे ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं।
सुधार की मांग:
नागरिकों ने दोषी संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, निगरानी तंत्र की स्थापना और पारदर्शी शुल्क व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
जन आंदोलन की चेतावनी:
अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थानीय नागरिक संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू करेंगे।
संवादाता - रक्षित जैन
